उपचार के क्या विकल्प उपलब्ध हैं ?:-
धूम्रपान छोड़ना
पीएडी के विकसित होने या उसके गंभीर हो जाने में धूम्रपान की अहम भूमिका होती है, धूम्रपान छोड़ना जीवनशैली के बहुत महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है जो पीएडी के विकास को धीमा कर सकता है।
व्यायाम
उचित व्यायाम रक्त प्रवाह और ऑक्सीजेनेशन को सुचारू करता है। किसी भी व्यायाम को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।
खान पान की अच्छी आदतें विकसित करना
लो सैचुरेटेड फैट वाली डाइट ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और कोलेस्ट्रोल का स्तर कम करने में मदद कर सकता है, जो आर्टरीज़ के सिकुड़ने का कारण होती है।

बिना बाईपास सर्जरी के इलाज में किस तरह है इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी मददगार
एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग (Angioplasty and Stenting)
इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट्स एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग को आगे लेकर गए हैं, जिसे पहले पेरिफेरल आर्टरी डिज़ीज़ के इलाज में इस्तेमाल किया जाता था। गाइडेंस के लिए इमेजिंग का इस्तेमाल करते हुए, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट टांगों की ब्लॉक्ड आर्टरी की में गुब्बारा (Balloon Agioplasty) फुलाता है ताकि जहां से आर्टरी सिकुड़ी या ब्लॉक्ड है वहाँ से खुल जाए। कुछ केसेज़ में इसे वहीँ स्टेंट के द्वारा खोला जाता है। यह एक मिनिमल इनवेसिव इलाज है जिसमें सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती, त्वचा में बस एक हल्का सा छेद किया जाता है जो पेंसिल की नोक के बराबर होता है।
एथेरेक्टोमी (Atherectomy)
इस इलाज के तहत एक छोटा सा कैथेटर ब्लॉकेज वाले जगह पर आर्टरी में इन्सर्ट किया जाता है, जो प्लाक को आर्टरी के अन्दर से कट या एक तरह से शेव करके निकालता है।
कैथेटर डायरेक्टेड इंट्रा- आर्टरियल थ्रोम्बोलिसिस
थ्रोम्बोलिटिक थैरेपी में वस्क्युलर स्पेशेलिस्ट आर्टरी में क्लॉट को गलाने वाली दवा इंजेक्ट करते हैं जो ब्लड क्लॉट के कारण बंद हुई होती है। यह सीधे थ्रोम्बस पर Clot lysis दवाएं वितरित करेगा जो आवश्यक दवा की टोटोल dose को कम करता है, रक्तस्राव जोखिम को कम करता है और Artery खुलने की संभावना बढ़ जाती है ।

इंटरवेंशनल रेडियोलोजी के चयन के फायदे
- बाईपास सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ती जिससे अपने आप ही अस्पताल में अधिक वक़्त नहीं रुकना पड़ता, साथ ही संक्रमण का खतरा कम रहता है और अस्पताल में अधिक दिन बिताने के कारण बढ़ने वाले खर्चे से भी राहत मिलती है /
- मरीज़ जल्दी ठीक होता है, वे बहुत कम समय में चल फिर सकते है और बहुत से मरीज़ ठीक अगले दिन चल फिर सकते हैं /
- किसी ब्लेड या चीरे वाले प्रोसीजर की आवश्यकता नहीं, इसे सिर्फ एक छोटे से छेद के ज़रिये किया जाता है जिसके लिए किसी टांके/suture की आवश्यकता नहीं पड़ती /
- जनरल या स्पाइनल एनेस्थीसिया की ज़रूरत नहीं . यह आपको एनेस्थीसिया के कारण सभी संभावित समस्याओं/ complications से बचाता है /
Case 1

She was treated with balloon angioplasty and thrombolysis for which she responded well. Blood flow to foot increased hence colour changed from blue to red. Healing took place. Patient was then settled with simple toe amputation avoiding major limb loss.
Case 2

It was found that big arteries carrying blood to leg are blocked (iliac arteries).
Balloon angioplasty and stenting was successfully done in this gentleman restoring blood flow to leg. This relieved him of agonizing pain and help to heal his toes.
Case 3

He was treated successfully with stenting of both the major arteries in same setting.
Case 4

Further evaluation with CT angiography and Doppler study confirms narrowed arteries below the knee level supplying leg.
Dr Prashant Pote treated this man with below knee balloon angioplasty and was then kept of medications. Over 3 months follow up patients his ulcers healed completely and pain has dramatically decreased.